*सीएम धामी के ‘द्वार’ पर फाग के रंग

 

*मुख्यमंत्री आवास में भव्य होली मिलन, आम जनता के लिए द्वार खुले*

*गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोकगीतों से गूंजा समारोह स्थल*

*सुशासन और विकास मॉडल पर जनता का भरोसा*

*धामी के संग चढ़े विश्वास के रंग*

*सीएम धामी से मिलकर लोगों ने दी होली की शुभकामनाएं*

उत्तराखंड की होली अपनी विशिष्ट पहचान के लिए पूरे देश में जानी जाती है। यह केवल रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि राग, लोकगीत और पारंपरिक संगीत से सजी एक जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है। यहाँ होली सिर्फ खेली नहीं जाती, बल्कि सुरों में ढलकर गाई जाती है, सामूहिक भावनाओं में जी जाती है और लोकजीवन की आत्मा को प्रकट करती है।

देवभूमि के इसी सांस्कृतिक वैभव की झलक मुख्यमंत्री आवास में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में देखने को मिली। परिसर रंगों, मुस्कानों और आत्मीय मिलन से सराबोर नजर आया। आम जनता के लिए मुख्यमंत्री आवास के द्वार खुले रहे, जिससे दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए लोगों को भी इस उत्सव का हिस्सा बनने का अवसर मिला। हर चेहरे पर उत्साह था। हर ओर अपनत्व का भाव था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा प्रदेश एक परिवार बनकर इस पर्व को मना रहा हो।

उमड़ी विशाल भीड़ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं। लोगों की आँखों में विश्वास था। उनके शब्दों में अपनापन था। उनकी उपस्थिति अपने आप में एक संदेश दे रही थी…जनता को धामी सरकार का सुशासन और विकास का मॉडल पसंद है। यह सहभागिता केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि जनविश्वास का सजीव प्रमाण थी।

समारोह में गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोकगीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। होल्यारों की टोलियाँ पारंपरिक खड़ी होली और बैठकी होली गाते हुए आगे बढ़ीं। ढोल और दमाऊं की थाप पर लोकधुनें गूंज उठीं। स्वर लहरियों में भक्ति थी, उल्लास था और अपनी मिट्टी से जुड़ाव की गहरी अनुभूति थी। उपस्थित लोग केवल दर्शक नहीं थे, बल्कि इस सांस्कृतिक उत्सव के सहभागी बन चुके थे।

यह आयोजन केवल रंगों का उत्सव नहीं था। यह विश्वास के रंगों का उत्सव था। यह सांस्कृतिक एकता का उत्सव था। यह सुशासन और विकास के उन रंगों का उत्सव था, जो उत्तराखंड को निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं। यही संदेश इस होली मिलन समारोह से पूरे प्रदेश में प्रसारित हुआ—एकजुट समाज, समृद्ध संस्कृति और विकास के प्रति अटूट विश्वास ही उत्तराखंड की वास्तविक पहचान है।

   

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