रिपोर्ट : आयुष बडोला
दिनांक : 6/11/2025
महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल में रजत जयंती के अवसर पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय था “श्रीमद् भगवत् गीता में जीवन प्रबंधन”।
इस संगोष्ठी में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ विवेक शर्मा और हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनोज नौटियाल ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि गीता जीवन में प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें जीवन की चुनौतियों से निपटने का मार्ग है।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ विवेक शर्मा ने गीता के दार्शनिक महत्व को बताते हुए कहा कि सब दर्शनों का सार गीता है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा के निदेशक प्रोफेसर विश्व नाथ खली ने मुख्य अतिथि के रूप में भाषण दिया और प्राचार्य प्रोफेसर योगेश कुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ नीरज नौटियाल ने किया।

इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ गिरिराज सिंह, डॉ उमेश त्यागी, डॉ विनय पांडेय, डॉ राम सिंह सामंत, डॉ सुनील प्रसाद, डॉ पूजा रानी, डॉ हिमानी बडोनी, डॉ केशव डबराल, डॉ मनवीर कंडारी, डॉ चेतन भट्ट, नरेश राणा, महेंद्र सिंह बिष्ट आदि समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

